भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण Telecom Regulatory Authority of India और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स Center for Development of Telematics ने दूरसंचार में तकनीकी और संस्थागत सहयोग का तंत्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
संचार मंत्रालय ने बताया कि ट्राई सेंटर ऑफ स्टडीज एंड रिसर्च TRAI Center of Studies and Research को दूरसंचार और प्रसारण क्षेत्रों में तकनीकी अध्ययन की अवधारणा, समन्वय और सक्षम करने के लिए ट्राई के भीतर एक इकाई के रूप में स्थापित किया गया था।
इसका कार्य विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों की ऊर्जा को मिलाकर भारत में प्रौद्योगिकी-संचालित विकास Technology-Driven Growth in India को सक्षम करना है। दूरसंचार के क्षेत्र में तकनीकी और संस्थागत सहयोग Technical and Institutional Cooperation का एक तंत्र स्थापित करने के सामान्य लक्ष्य तक पहुंचने के लिए समझौता ज्ञापन ने दोनों पक्षों ट्राई सीएसआर और सी-डॉट TRAI CSR and C-DOT को एक साथ ला दिया है।
ट्राई के चेयरपर्सन पी डी वाघेला TRAI Chairperson PD Vaghela ने इस शुभ अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि औपचारिक साझेदारी की शुरुआत हमें नई उभरती प्रौद्योगिकियों को समझने की यात्रा शुरू करने के लिए सशक्त बनाएगी।
साझेदारी का उद्देश्य नियामक प्रथाओं पर अनुसंधान के लिए सहयोग को बढ़ावा देना और हमारी समझ में कमियों को पाटना है। उन्होंने कहा हम ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सत्र सेमिनार और सम्मेलन आयोजित करेंगे।
DoT के सचिव के राजारमन DoT Secretary K Rajaraman ने भी इस MoU पर हस्ताक्षर करने के लिए ट्राई और C-DoT के प्रयासों की सराहना की। राजारमन ने कहा कि यह सहयोग नीति अनुसंधान, नियामक अध्ययन और ज्ञान प्रसार के क्षेत्र में नए दरवाजे खोलेगा।