फॉक्सकॉन Foxconn भारत में अपने आईफोन प्रोडक्शन को काफी हद तक बढ़ाने के लिए तैयार है, जिसका लक्ष्य इस साल 25 से 30 मिलियन यूनिट की असेंबली करना है। यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य पिछले साल उत्पादित 12 मिलियन आईफोन से नाटकीय वृद्धि दर्शाता है। यह विस्तार चीन से दूर अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को विविधता प्रदान करने की एप्पल की स्ट्रेटेजी के अनुरूप है, जो टेक इंडस्ट्री में ब्रॉडर ट्रेंड को दर्शाता है।
ताइवान की यह इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज कंपनी पिछले कुछ महीनों से बेंगलुरु में अपने 300 एकड़ के नए प्लांट में ट्रायल ऑपरेशन कर रही है। ये टेस्ट प्लांट की क्षमता का आकलन करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, ताकि यह आवश्यक पैमाने पर iPhones का प्रोडक्शन करते हुए Apple के कड़े क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा कर सके। सूत्र ने बताया कि इन ट्रायल रन के सफल समापन से Foxconn को 'revenue build' चरण में जाने में मदद मिलेगी, जहाँ निर्मित डिवाइस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए तैयार किए जाएँगे। भारत में Foxconn की बढ़ी हुई प्रोडक्शन कैपेसिटी इस क्षेत्र में Apple की उपस्थिति को मजबूत करने की एक बड़ी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य अपने मोबाइल असेंबली ऑपरेशन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है, अनुमानों से संकेत मिलता है, कि Foxconn के कुल प्रोडक्शन में भारत की हिस्सेदारी पिछले साल के 12-16% से बढ़कर इस साल 21-25% हो सकती है।
चूंकि एप्पल चाइनीज़ मैन्युफैक्चरिंग पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है, इसलिए भारत में फॉक्सकॉन के ऑपरेशन में पर्याप्त वृद्धि देखी गई है। कंपनी ने लोकल असेंबली में अपने निवेश को बढ़ाया है, जो अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ के प्रभाव सहित बदलते ग्लोबल ट्रेड डायनामिक के अनुकूल होने की आवश्यकता से प्रेरित है। अनलिस्ट्स का सुझाव है, कि फॉक्सकॉन के प्रोडक्शन लक्ष्य एप्पल की सप्लाई चेन में विविधता लाने की ब्रॉडर स्ट्रेटेजी से निकटता से जुड़े हुए हैं। ताइपे स्थित इसायाह रिसर्च के सीनियर एनालिस्ट लोरी चांग ने कहा कि फॉक्सकॉन का ध्यान iPhone मैन्युफैक्चरिंग पर बना हुआ है। एंटीसिपेटेड प्रोडक्शन वृद्धि भारत में अधिक मजबूत उपस्थिति के लिए एप्पल के प्रयास का जवाब है, जो टेक दिग्गज के लिए तेजी से महत्वपूर्ण मार्केट बन रहा है।
अपने iPhone प्रोडक्शन के अलावा Foxconn अन्य प्रोडक्ट लाइनों को शामिल करने के लिए अपने ऑपरेशन का विस्तार कर रहा है। कंपनी ने हैदराबाद में AirPods प्रोडक्शन के लिए समर्पित एक नई यूनिट स्थापित की है, जो भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में और विविधता ला रही है। यह चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर कैंपस में Foxconn के मौजूदा iPhone असेंबली ऑपरेशन का पूरक है। पिछले साल भारत की यात्रा के दौरान Foxconn के चेयरमैन यंग लियू ने स्मार्टफ़ोन से परे विस्तार करने के लिए कंपनी की कमिटमेंट व्यक्त की। उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल, एनर्जी और डिजिटल हेल्थ सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रोडक्ट्स विकसित करने की योजनाओं पर प्रकाश डाला। यंग लियू ने कहा "हम भारत में वैल्यू चेन को जितना संभव हो उतना आगे बढ़ाना चाहते हैं," इस क्षेत्र में विकास के लिए लॉन्ग-टर्म विज़न का संकेत देते हुए।
वेदांता ग्रुप के साथ अपनी सेमीकंडक्टर साझेदारी के विघटन के बाद फॉक्सकॉन ने एचसीएल ग्रुप के साथ मिलकर चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए £37.2 मिलियन के निवेश की घोषणा की है। इस वेंचर को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है, इसके कंस्ट्रक्शन के लिए इंजीनियरिंग फर्मों के साथ चर्चा पहले ही चल रही है। यह कदम भारत में अपनी टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फॉक्सकॉन की कमिटमेंट को रेखांकित करता है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन में इसकी भूमिका और मजबूत होगी। जैसे-जैसे फॉक्सकॉन भारत में अपने ऑपरेशन का विस्तार करना जारी रखता है, कंपनी की स्ट्रेटेजिक पहल ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग लैंडस्केप में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है, जो भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए डायवर्सिफिकेशन और रेसिलिएंस की आवश्यकता से प्रेरित है।