हांगझू स्थित एआई स्टार्टअप डीपसीक, जो 2023 में स्थापित हुआ था, ने अपनी नई भाषा मॉडल DeepSeek-R1 को 20 जनवरी 2025 को लॉन्च किया है। इस मॉडल ने अपनी उन्नत तर्क क्षमता (रीजनिंग) और कम लागत में विकसित होने की वजह से तेजी से लोकप्रियता हासिल की है।
इसे OpenAI और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियों के लिए एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
DeepSeek-R1 को केवल 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) की लागत से विकसित किया गया है, जो आमतौर पर हाई-परफॉर्मेंस एआई मॉडल्स के लिए खर्च होने वाली रकम से काफी कम है। खास बात यह है कि इस मॉडल को ओपन-वेट डिजाइन के साथ जारी किया गया है, जिससे दुनियाभर के शोधकर्ताओं और डेवलपर्स को इसे अपनाने में आसानी हो रही है।
यह मॉडल गणित और कोडिंग जैसी जटिल तर्कपूर्ण समस्याओं को हल करने में बेहद कुशल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी क्षमताएं एआई उद्योग के मौजूदा मानकों को नया रूप दे सकती हैं।
DeepSeek-R1 की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता ने एआई सेक्टर में हलचल मचा दी है। टेक कंपनियां अब अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार कर रही हैं, जिससे यह साफ हो रहा है कि भविष्य में नवाचार (इनोवेशन) और दक्षता (एफिशिएंसी) वित्तीय निवेश से अधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
यह ब्लॉग पोस्ट डीपसीक के इस नए और क्रांतिकारी एआई मॉडल new and revolutionary AI model of DeepSeek का एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें इसकी मुख्य विशेषताएं, टेक इंडस्ट्री पर इसका प्रभाव और भविष्य में एआई विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई है।
डीपसीक, हांगझू, चीन स्थित एक नया एआई स्टार्टअप, ने अपनी क्रांतिकारी भाषा मॉडल DeepSeek-R1 के साथ दुनियाभर का ध्यान आकर्षित किया है। 20 जनवरी को लॉन्च किया गया यह उन्नत मॉडल OpenAI के GPT-4o जैसे बड़े मॉडलों को टक्कर दे रहा है, लेकिन यह ज्यादा किफायती भी है।
यह मॉडल रसायन विज्ञान, गणित और कोडिंग जैसे विषयों में शानदार प्रदर्शन कर रहा है, जिससे एआई की दुनिया में एक नया युग शुरू हो रहा है। वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और निवेशकों में इसको लेकर काफी उत्साह है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक ऐसी तकनीक है जो मशीनों को सीखने, तर्क करने और समस्याओं को हल करने की क्षमता देती है। यह तकनीक बड़े डेटा सेट का विश्लेषण कर पैटर्न को पहचानती है, जिससे मशीनें इंसानों की तरह सोचने और निर्णय लेने में सक्षम हो जाती हैं। एआई का उपयोग चैटबॉट्स (जैसे ChatGPT) से लेकर जटिल वैज्ञानिक अनुसंधानों तक किया जाता है।
जनरेटिव एआई जैसे डीपसीक बड़े डेटा का उपयोग करके नया टेक्स्ट, चित्र और कोड तैयार कर सकता है। हालांकि, इस तरह की तकनीकों के कारण गलत जानकारी (misinformation) और पूर्वाग्रह (bias) जैसी चुनौतियां भी सामने आती हैं।
आज लाखों लोग एआई का उपयोग ईमेल लिखने, टेक्स्ट को संक्षेप में प्रस्तुत करने और सवालों के जवाब देने के लिए कर रहे हैं। यह तकनीक कोडिंग सीखने, पढ़ाई करने और समस्याओं को हल करने में भी मदद करती है, जिससे यह आधुनिक डिजिटल युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।
डीपसीक एक नई एआई कंपनी है, जिसे 2023 के अंत में चीनी हेज फंड मैनेजर लियांग वेनफेंग ने शुरू किया था। यह कंपनी एआई क्षेत्र में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही कई कंपनियों में से एक है। लियांग वेनफेंग की तुलना अक्सर OpenAI के सैम ऑल्टमैन से की जाती है, क्योंकि वे चीन में एआई इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा देने के प्रमुख समर्थक माने जाते हैं। उनकी हेज फंड कंपनी हाई-फ्लायर पूरी तरह से एआई रिसर्च और डेवलपमेंट पर केंद्रित है।
पिछले एक साल में डीपसीक ने कई एआई मॉडल लॉन्च किए हैं, जिनमें DeepSeek V3 को कुछ हद तक उद्योग में पहचान मिली। लेकिन, चीन सरकार से जुड़े संवेदनशील विषयों पर प्रतिबंधों के कारण इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए गए।
हालांकि, DeepSeek-R1 के लॉन्च ने पूरा परिदृश्य बदल दिया। इसकी कम लागत और ओपन-वेट मॉडल ने इसे बाकी कंपनियों से अलग बना दिया है, जिससे यह वैज्ञानिकों और डेवलपर्स के लिए ज्यादा सुलभ हो गया है।
डीपसीक का ऐप भी बेहद लोकप्रिय हो गया है। यह ऐप स्टोर चार्ट्स पर ChatGPT को पीछे छोड़ चुका है और अब तक इसे करीब 20 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है।
Also Read: टॉप एआई-पावर्ड रिलेशनशिप ऐप्स:आपके डिजिटल साथी
एआई एक बहुत महंगी और ऊर्जा-गहन तकनीक है, जिसे विकसित करने और चलाने के लिए भारी संसाधनों की जरूरत होती है। बड़े टेक्नोलॉजी दिग्गज, जैसे कि Meta, इस साल एआई पर 65 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन OpenAI’s CEO, Sam Altman का मानना है कि एआई उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए खरबों डॉलर के निवेश की जरूरत होगी।
लेकिन डीपसीक ने इस सोच को चुनौती दी है। यह कम लागत और कमज़ोर हार्डवेयर पर भी हाई-परफॉर्मेंस एआई मॉडल चला सकता है। इसका मतलब है कि भविष्य में एआई इनोवेशन सिर्फ पैसे पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि बेहतर तकनीकी समाधान भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
टेक इन्वेस्टर्स और वेंचर कैपिटलिस्ट्स भी डीपसीक को एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। सिलिकॉन वैली के मशहूर निवेशक मार्क आंद्रेसेन Silicon Valley icon Marc Andreessen ने इसे "सबसे अविश्वसनीय और प्रभावशाली खोजों में से एक" कहा है। अगर डीपसीक की तकनीक कम निवेश में बेहतरीन एआई क्षमता प्रदान कर सकती है, तो यह एआई उद्योग के आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य को पूरी तरह से बदल सकती है।
अमेरिका ने तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए चीन पर एआई चिप्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं। खासतौर पर, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने कार्यकाल के अंत में इन प्रतिबंधों को और सख्त कर दिया, ताकि चीन की एआई प्रगति को धीमा किया जा सके।
लेकिन डीपसीक की सफलता ने इस रणनीति को चुनौती दी है। इसने साबित कर दिया कि नवाचार (Innovation) सीमाओं और प्रतिबंधों के बावजूद संभव है। अब चीन और अमेरिका के बीच एआई में प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। पहले जहां इसे असंभव माना जा रहा था, अब चीन अमेरिका के एआई वर्चस्व को टक्कर देने के करीब पहुंच रहा है।
वित्तीय बाजारों ने इस बदलाव को तुरंत भांप लिया। DeepSeek के लॉन्च के बाद, Nvidia का स्टॉक प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 12% गिर गया। इसके अलावा, Meta, Alphabet, Marvell, Broadcom, Palantir, और Oracle जैसी कंपनियों के शेयर भी नीचे आ गए। यह दर्शाता है कि DeepSeek एआई उद्योग में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
डीपसीक की सबसे खास बात यह है कि यह बहुत कम लागत में हाई-परफॉर्मेंस एआई मॉडल बना रहा है। आमतौर पर, उन्नत एआई मॉडल विकसित करने के लिए भारी वित्तीय और कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होती है। लेकिन DeepSeek-R1 को सिर्फ 6 मिलियन डॉलर की हार्डवेयर लागत में तैयार किया गया। इसके मुकाबले, Meta के Llama 3.1 405B मॉडल के लिए 60 मिलियन डॉलर और 11 गुना ज्यादा कंप्यूटिंग पावर की जरूरत पड़ी।
डीपसीक की यह उपलब्धि साबित करती है कि बड़े एआई इनोवेशन के लिए हमेशा भारी निवेश की जरूरत नहीं होती। सही तकनीकी दृष्टिकोण और कुशल रणनीति अपनाकर कम लागत में भी बेहतरीन एआई मॉडल बनाए जा सकते हैं। यह एआई उद्योग में एक नई सोच और बदलाव को दर्शाता है, जहां केवल पैसे की ताकत ही मायने नहीं रखती, बल्कि इनोवेशन और दक्षता (Efficiency) भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
डीपसीक की सफलता को एक "ब्लैक स्वान इवेंट" "Black Swan Event" कहा जा रहा है—यानी एक ऐसी दुर्लभ और अप्रत्याशित घटना, जो किसी उद्योग या बाजार को पूरी तरह बदल देती है। यह शब्द प्रसिद्ध लेखक नसीम निकोलस तालेब ने गढ़ा था और यह उन घटनाओं को दर्शाता है, जो पहले से अनुमान लगाना मुश्किल होती हैं, लेकिन बाद में समझ में आती हैं।
अब तक माना जाता था कि एआई में बड़ी सफलता पाने के लिए भारी बजट और उन्नत तकनीकी संसाधन जरूरी होते हैं। लेकिन DeepSeek ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। इसने दिखाया है कि बुद्धिमत्ता और कुशल रणनीति से भी बेहतरीन एआई मॉडल बनाए जा सकते हैं।
अमेरिका ने चीन की एआई प्रगति को धीमा करने के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन DeepSeek की उपलब्धि ने यह साबित किया है कि इनोवेशन को आसानी से रोका नहीं जा सकता। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधों की प्रभावशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
डीपसीक ने सिर्फ तकनीकी उपलब्धियों के कारण ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता और सहयोग की अपनी नीति के कारण भी ध्यान खींचा है। इसका R1 मॉडल एक "ओपन-वेट" सिस्टम के रूप में लॉन्च किया गया है, जिससे दुनिया भर के शोधकर्ता इसके एल्गोरिदम को समझ और सुधार सकते हैं। यह मॉडल MIT लाइसेंस के तहत जारी किया गया है, जिससे यह काफी सुलभ और उपयोगी बन गया है। हालांकि, इसके प्रशिक्षण डेटा (Training Data) की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, इसलिए इसे पूरी तरह ओपन-सोर्स नहीं कहा जा सकता।
मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर द साइंस ऑफ लाइट के आर्टिफिशियल साइंटिस्ट लैब के प्रमुख मारियो क्रेन ने कहा,
"DeepSeek की पारदर्शिता वाकई काबिले तारीफ है।"
यह DeepSeek को OpenAI जैसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है, जिनकी पारदर्शिता की कमी के कारण आलोचना होती रही है। डीपसीक ने वैश्विक एआई अनुसंधान में सहयोग की एक नई मिसाल कायम की है और यह पूरे उद्योग के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
कुछ ही हफ्तों में, 39 वर्षीय लीयांग वेनफेंग, जो DeepSeek के संस्थापक हैं, चीन की टेक इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण चेहरा बन गए हैं। उनकी कंपनी के एआई मॉडल ने न केवल पश्चिमी देशों की एआई लीडरशिप को चुनौती दी है, बल्कि वैश्विक टेक शेयर बाजार में बड़ी हलचल भी मचा दी है।
डीपसीक की तेज़ी से बढ़ती सफलता यह दिखाती है कि बीजिंग (चीन) एआई में अमेरिका के साथ की खाई को पाटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लीयांग अब चीन की अगली पीढ़ी की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के मुख्य खिलाड़ी माने जा रहे हैं।
उनकी लोकप्रियता तब और बढ़ गई जब 20 जनवरी को उन्हें चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग द्वारा आयोजित एक बंद-दरवाजा बैठक में आमंत्रित किया गया। इस बैठक में शीर्ष सरकारी अधिकारी और बिजनेस लीडर्स भी शामिल थे।
डीपसीक का उभरना एआई इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। इसने साबित कर दिया है कि कम लागत में भी शक्तिशाली एआई मॉडल बनाए जा सकते हैं। इससे पश्चिमी टेक कंपनियों के वर्चस्व पर सवाल उठने लगे हैं और एआई के भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, यह देखना बाकी है कि DeepSeek अपनी गति को बनाए रख पाएगा या नहीं, लेकिन एक बात तो तय है—एआई की दुनिया अब पहले जैसी नहीं रहेगी।